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:: UPSEE 2015 : No Change in Domicile Rules ::

Some days there is a news that UPTU from UPSEE 2015 want to stop domicile in admission process, So students from outside UP can take in admission in UPTU private colleges on 100% seats in 2015 but UPTU will continues previous rule that is 25% seats at present are open to non-UP students, including 15% under management quota and 10% via JEE (Mains).

In a meeting with UPTU officials on 03 FEB 2015, technical education minister Shiv Kant Ojha take final decision on the domicile system. Mr Ojha said "We will first see how the 25% formula works for technical institutes. If number of admissions increases this year, we will plan to increase the percentage of outside UP students in SEE next year.

In UPSEE 2014, there are only 10,000 out of 1.17 lakh students who took part in SEE in 2014 were from outside UP. "This is not even 10% and we are talking about 100%. Some officials said there is loss for UP students if domicile system is neglected.

Earlier the news was ::
प्राइवेट कॉलेजों में ही मिलेगा दूसरे स्टेट के स्टूडेंट्स को एडमिशन - डोमिसाइल खत्म करने के प्रस्ताव में यूपीटीयू ने रखी बात

According to leading Newspaper : उत्तर प्रदेश स्टेट इंजीनियरिंग एग्जामिनेशन (यूपीएसईई) की परीक्षा में दूसरे स्टेट के छात्र केवल निजी कॉलेजों की ही सीटों पर एडमिशन का दावा कर सकेंगे. उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी यूपीटीयू ने डोमिसाइल सिस्टम समाप्त करने के लिए जो प्रस्ताव भेजा है, जिसमें यूपीटीयू की ओर से यह साफ-साफ कहा गया है कि प्राइवेट कॉलेजों में यह व्यवस्था को लागू किया जाए. हालांकि गवर्नमेंट कॉलेजों की खाली सीटों के आंकड़े में पचास फीसदी पर उन्हें मौका मिल सकता है.

प्राइवेट कॉलेजों ने बनाया दबाव
प्राविधिक शिक्षा मंत्री प्रो. शिवाकांत ओझा ने स्टेट के इंजीनियरिंग कॉलेजों को दूसरे स्टेट के छात्रों को एडमिशन देने के लिए डोमिसाइल सिस्टम को समाप्त करने की बात कही थी. इसके पीछे निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों के एक धड़े का दबाव भी था. कॉलेजों का कहना है कि यूपीटीयू की लेटलतीफ प्रक्रिया के चलते निजी कॉलेजों को सीटें भरने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. कॉलेजों ने यूपीटीयू को भी इसका प्रस्ताव दिया था. जिसके बाद यूपीटीयू ने प्राविधिक शिक्षा विभाग को यह प्रस्ताव दिया था.

भ्0 प्रतिशत खाली सीटों पर मिलेगा एडमिशन
यूपीटीयू के वाइस चांसलर प्रो. आरके खांडल ने बताया कि यूनिवर्सिटी की ओर से जो संस्तुति विभाग को की गई है. उसमें यूपीएसईई में आवेदन के लिए दूसरे स्टेट के छात्रों का दावा केवल निजी कॉलेजों की सीटों पर ही रहेगा. स्टेट के छात्रों के हितों को ध्यान में रखा गया है. सरकारी कॉलेजों की सीटों पर दूसरे रचच्य के छात्र केवल उस दशा में दावा कर सकेंगे जब सीट खाली हो. खाली सीटों में भी केवल पचास फीसदी पर ही ऐसे छात्रों को एडमिशन मिलेगा.

यह है डोमिसाइल सिस्टम 
रचच्य के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन केवल रचच्य के निवासियों को ही मिलता है. यदि छात्र ने दूसरे रचच्य से अपनी शिक्षा ग्रहण की है तो उसे उस दशा में प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा सकता है जब उसने रचच्य की नागरिकता का कोई प्रपत्र प्रस्तुत किया हो. दूसरे रचच्यों के छात्रों के एडमिशन लेने पर प्रतिबंध है. डोमिसाइल सिस्टम प्राविधिक शिक्षा विभाग को फैसला लेना है. इसके लिए विश्वविद्यालय ने संस्तुतियां भेज दी हैं. दूसरे रचच्य के छात्र निजी कॉलेजों की सीटों पर दावा कर सकेंगे.

प्रो. आरके खांडल, वीसी, यूपीटीयू

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